आरोग्य-प्रकाशमलेरिया

मलेरिया

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जीवों द्वारा फैलने वाले रोगों में मलेरिया सबसे प्रमुख है । यह एनफिलीज जाति के एक विशिष्ट मच्छर के काटने से फैलता है । यह मच्छर जब मलेरिया के एक रोगी को काटता है, तो रक्त के साथ रोग के कीटाणु भी चूसकर अपने मुंह में भर लेता है । मच्छर के मुंह में मलेरिया के कीटाणु खूब बढ़ते हैं । फिर वही मच्छर किसी अन्य स्वस्थ व्यक्ति या पशु को काटता है तो उसके शरीर में मलेरिया के कीटाणु उगल देता है ! इसी प्रकार से मलेरिया रोग का संक्रमण होता है !

मलेरिया वाहक यह विशिष्ट प्रकार का मच्छर जल में विशेष कर तालाब, नदी, पानी से भरे गड्ढे या पात्रों में अथवा झील के किनारों पर अण्डे देता है । रेलवे लाईन या दूरगामी सड़कों के दोनों ओर मिट्टी खोदने से जो गड्ढे बन जाते हैं, उनमें वर्षा का जल इकट्ठा हो जाने पर, वे गड्ढे भी मलेरिया के मच्छरों की उत्पत्ति के स्थान बन जाते हैं ।

इन मच्छरों की यह विशेषता है कि वे अपने उत्पत्ति स्थान से ४०-५० गज से अधिक दूर उड़कर नहीं जा सकते । इसलिए मलेरिया उन्मूलन का सर्वोपरि उपाय यह है कि बस्ती के चारों ओर ७०-८० गज दूर तक के समस्त गड्ढे, पुराने टूटे तालाब, अथवा स्थिर जल एकत्र होने के ऐसे सब स्थल जिनके किनारे सीलन रहती हो, उन्हें मिट्टी से भरकर समतल कर दिया जाय । रेलवे लाईन और सड़कों के दोनों ओर गड्ढे को भी भर दिया जाय और आगे के लिए ऐसा नियम बना दिया जाय कि उस प्रकार के गड्ढे न बनें जिनमें वर्षा का जल एकत्र हो ।

बस्तियों से पानी के विकास का ऐसा प्रबन्ध हो कि कही भी बस्ती में पानी एकत्र न हो और सीलन न फैले । मलेरिया उन गाँवों और तराई के सीलन वाले स्थानों में ज्यादा होता है । बंगाल, आदि में अधिक मलेरिया होने का यही कारण हैं कि वहाँ पानी के गड्ढे बहुत होते हैं और सर्वत्र सदा ही सीलन बना रहता है ।

रहने के घर में भी सीलन और अँधेरा का वातावरण नहीं होना चाहिए । खूब हवादार घर हो और उसके पानी का निकास साफ हो । घर की छतों पर रखे गमलों या अन्य बर्तनों में वर्षा जल एकत्र न होने देना चाहिए । नालियों में नियमित सफाई कर मिट्टी का तेल छिड़क देना चाहिए । विशेषकर सितंबर-अक्टूबर के महीनों में मच्छरों से बचने का विशेष उपक्रम करना चाहिए । क्योंकि इन्हीं दिनों मच्छरों की बहुत उत्पत्ति होती है और मलेरिया फैलता है । इन दिनों रात को सोते समय शरीर के खुले भागों में सरसों का तेल लगाकर सोना चाहिए और मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए । राज्य के प्रयत्न द्वारा मलेरिया, उन्मूलन योजना से बहुत कम हो गया है ।